देहरादून के लक्खी बाग (झंडा बाजार) क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद तनाव और विवाद लगातार बढ़ रहा है। आरोपी एक चूड़ी व्यापारी के यहां काम करता था। घटना के बाद हिंदू संगठनों ने आरोपी के कार्यस्थल पर जमकर तोड़फोड़ की। इस पर दुकान मालिक ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि हमलावरों ने धार्मिक टिप्पणियां करते हुए लाठी-डंडों और कड़े से हमला किया। हमले में दुकान का डीवीआर और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर चार नामजद—ललित सिंह, अमन स्वेडिया, सिधांत बड़ोनी और रोहित मौर्य—सहित 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। नगर कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक रवि प्रसाद कवी को सौंपी गई है। पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
दुकानदार ने अपनी तहरीर में कहा कि हमलावरों की मंशा उनकी हत्या करने की थी। हमले के दौरान दुकान में अफरातफरी मच गई और वह किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचा पाए। हमलावरों द्वारा दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और अन्य सामान तोड़ने से कारोबारी को आर्थिक नुकसान भी हुआ।
गौरतलब है कि बीते दिन एक नाबालिग बच्ची के साथ उसके मकान मालिक के भांजे द्वारा शौचालय में दुष्कर्म का आरोप सामने आया था। इस घटना के बाद हिंदू संगठनों ने हंगामा किया और आरोपी जिस दुकान में काम करता था वहां तोड़फोड़ की। फिलहाल पुलिस पीड़िता का मेडिकल करवा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



