रुड़की। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार ने स्थानीय किराना दुकान से रस्क पीस का पैकेट खरीदा। घर पर पैकेट खोलने पर उसमें कथित तौर पर मृत छिपकली का बच्चा मिला। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी और लोगों ने खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।
मामला सामने आते ही ईटीवी भारत ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रसारित होने के महज 15 घंटे के भीतर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम हरकत में आ गई। विभागीय अधिकारियों ने संबंधित दुकान पर पहुंचकर जांच शुरू की और मौके से रस्क पीस के कई पैकेटों के नमूने एकत्र किए। इनमें वह पैकेट भी शामिल था जिसमें मृत छिपकली दिखाई दी थी। सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप था या नहीं। यदि जांच में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो संबंधित निर्माता, सप्लायर और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में दुकानदार दोषी नहीं है, बल्कि रस्क पीस बनाने वाली कंपनी जिम्मेदार होगी। कंपनी को नोटिस भेजा जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गौरतलब है कि यह रस्क पैकेट उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सप्लाई किया जा रहा था। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से खाद्य पदार्थों की नियमित जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर बाजार में बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता की जांच होती रहे तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
फिलहाल सभी की निगाहें लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि शिकायत सही साबित होती है तो कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय है। इस घटना ने एक बार फिर उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य मानकों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



