देहरादून। राजधानी देहरादून में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम इस बार चर्चा का विषय रहा। पहले अधूरी तैयारियों के चलते स्थगित किए गए कार्यक्रम को दोबारा आयोजित किया गया, जहां अधिकारियों ने पिछली कमियों को दूर कर बेहतर व्यवस्थाएं प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने निरीक्षण कर संतोष जताया और अधिकारियों की पीठ थपथपाई।
कम समय में बड़ी चुनौती 29 मई से शुरू हुए SIR अभियान में BLO के सामने सबसे बड़ी चुनौती गणना प्रपत्रों को घर-घर पहुंचाना और समय पर संकलन करना है। निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया के लिए तय समय सीमा निर्धारित की है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 13,76,813 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक 6,60,308 मतदाताओं तक ही गणना प्रपत्र पहुंच पाए हैं। यानी लगभग 52 प्रतिशत मतदाताओं तक प्रपत्र पहुंचाना अभी बाकी है। उन्होंने अधिकारियों को तेजी से काम करने और मतदाताओं से सहयोग की अपील की।
नागरिकों से अपील और जागरूकता रथ रवाना जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे गणना प्रपत्र सही जानकारी के साथ भरकर जल्द जमा करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता प्रक्रिया से वंचित न रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चार विशेष जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को SIR अभियान और मतदाता सूची पुनरीक्षण की जानकारी देंगे।
इस बार की बेहतर तैयारियों से अधिकारियों को राहत मिली है, खासकर मुख्य शिक्षा अधिकारी को, जिन्हें पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रशासन को उम्मीद है कि टीमवर्क और जनसहयोग से तय समय में लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।



