- आईएमए की 158वीं पासिंग आउट परेड संपन्न
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में शनिवार सुबह 158वीं पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ। इस बार कुल 515 जेंटलमैन कैडेट्स ने अंतिम कदम भरते हुए सैन्य अधिकारी का पद प्राप्त किया। इनमें 481 भारतीय कैडेट्स शामिल हैं, जिनमें पहली बार 9 महिला कैडेट्स भी पास आउट हुईं। इसके अलावा भारत के 16 मित्र देशों के 34 कैडेट्स ने भी प्रशिक्षण पूरा कर अपने-अपने देशों की सेनाओं में शामिल होने का गौरव पाया।
परेड की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू थीं। उन्होंने विशेष ‘पटियाला कोच’ घोड़ा बग्गी से परेड की समीक्षा की और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
सम्मानित कैडेट्स और पुरस्कार
- स्वॉर्ड ऑफ ऑनर एवं गोल्ड मेडल – विशाल कुमार
- सिल्वर मेडल (REG कोर्स) – प्रिंस राज
- ब्रॉन्ज मेडल (REG कोर्स) – तेजस भट्ट
- सिल्वर मेडल (TGC) – हृषभ मिश्रा
- सिल्वर मेडल (TES) – करण पांडेय
- गोल्ड मेडल (SCO) – बोधराज थापा
- सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट – जैफ सादिद अल्वी (बांग्लादेश)
- चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर – इंफाल कंपनी
परेड की शुरुआत सुबह पौने सात बजे चैटवुड बिल्डिंग से हुई। कैडेट्स ने अनुशासन और शौर्य का प्रदर्शन करते हुए कदमताल की। राष्ट्रपति ने परेड निरीक्षण के बाद कैडेट्स को संबोधित किया और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।
पीपिंग सेरेमनी और भावुक पल परेड के बाद पीपिंग सेरेमनी आयोजित हुई, जिसमें कैडेट्स को उनके परिजनों और प्रशिक्षकों द्वारा रैंक बैज पहनाए गए। इस दौरान हेलीकॉप्टर से फूल बरसाकर नव-नियुक्त सैन्य अधिकारियों का स्वागत किया गया। अंतिम पग भरते ही कैडेट्स ने भारतीय सेना में अपने करियर की शुरुआत की।
आईएमए की यह परेड कई मायनों में ऐतिहासिक रही, क्योंकि पहली बार महिला कैडेट्स ने पास आउट होकर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा। अनुशासन, परंपरा और गौरव से भरी इस परेड ने एक बार फिर साबित किया कि आईएमए देश को श्रेष्ठ सैन्य नेतृत्व देने में अग्रणी है।



