खटीमा। सीआरपीएफ जवान मुशाहिद अली ने अपनी वीरता और साहस से पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। उधम सिंह नगर जिले के खटीमा के इस्लामनगर निवासी मुशाहिद अली वर्ष 2014 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात हैं। जुलाई 2019 में बिहार-औरंगाबाद बॉर्डर के चकरबंदा क्षेत्र में ‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन (शैडो)’ के दौरान उन्होंने तीन नक्सलियों को मार गिराया था। इसी अदम्य साहस के लिए उन्हें राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस सम्मान की घोषणा गणतंत्र दिवस 2025 को हुई थी और 9 अप्रैल 2026 को दिल्ली में आयोजित ‘शौर्य दिवस’ कार्यक्रम में सीआरपीएफ डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया। इस उपलब्धि पर उनके परिवार, मित्रों और पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। मुशाहिद अली की बहादुरी युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है और उनकी कहानी प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।



