देहरादून । उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित “4 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास कार्यों की उपलब्धियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने नवरात्र की शुभकामनाओं के साथ कहा कि चार साल पहले जनता ने उन्हें पुनः सेवा का अवसर दिया था और अब वे गर्व से कह सकते हैं कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने की दिशा में संकल्प तेजी से सिद्ध हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में बाबा केदारनाथ से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।” इसी संकल्प को लेकर राज्य सरकार ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया। इस दौरान जी-20 सम्मेलन, राष्ट्रीय खेलों और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले और 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश धरातल पर उतरा।
धामी ने बताया कि चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी, जीएसडीपी में 7.23% वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय में 41% बढ़ोतरी हुई। 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए, स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1750 हुई और 2.65 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनीं। रिवर्स पलायन में भी 44% वृद्धि दर्ज की गई।
नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान मिला। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में “एचीवर्स” और स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” श्रेणी प्राप्त हुई। इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान और लगातार चार वर्षों से “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” का गौरव हासिल हुआ। खनन सुधारों के लिए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान और 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को आधुनिक शहर बनाने के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं। अब शिलान्यास के बाद समय पर लोकार्पण भी होता है। नकल विरोधी कानून लागू होने से 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली और 100 से अधिक नकल माफिया जेल में हैं।
धामी ने बताया कि सरकार ने धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए, 12 हजार एकड़ भूमि मुक्त कराई और “ऑपरेशन कालनेमि” चलाया। समान नागरिक संहिता लागू कर सभी धर्मों के लिए समान कानून बनाया गया। जुलाई से सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रोड शो में भाग लिया और प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



