देहरादून। शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत की 95 वीं पुण्यतिथि पर उनके विचारों को याद किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देश को ऐसे देशभक्त युवाओं की जरूरत है जो देश में एकजुटता, सौहार्द, समाजसेवा और त्याग का क्रांतिकारी जज्बा पैदा कर सके। सोमवार को गांधी पार्क स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर संयुक्त नागरिक संगठन और अन्य सामाजिक संगठनों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर आजादी के लिए शहीद हुए क्रांतिकारियों, देश की रक्षा में सीमाओं पर शहीद हुए जवानों, उत्तराखंड राज्यआंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारी को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती, सुशील त्यागी ने कहा कि सामाजिक सद्भाव, जागरूकता और मानव सेवा के सभी रूपों में सक्रिय सामाजिक संस्थाएं, जागरूक नागरिक और पर्यावरण प्रेमी भी देशभक्त हैं और समाज को इन पर गर्व है।वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक सद्भाव, जागरूकता और मानव सेवा के सभी रूपों में सक्रिय सामाजिक संस्थाएं, जागरूक नागरिक, पर्यावरण प्रेमी भी देशभक्त हैं और समाज को इन पर गर्व है। इस दौरान प्रगति सदाना, संजय श्रीवास्तव, पदम सिंह थापा, पुरुषोत्तम भट्ट, केशव उनियाल, पूरन सिंह लिंगवाल, अशोक भट्ट, डॉ स्वामी एस चंद्रा, मुकेश रावत, मोहन सिंह खत्री, सुलोचना भट्ट, विनोद नौटियाल, एसएस गोसाई, पद्मेंद्र सिंह बर्थवाल, पद्यश्री कल्याण सिंह रावत, ब्री केजी बहल, सत्य सिंह बिष्ट, अतुल श्रीवास्तव, अनीता सक्सेना, खुशबीर सिंह, गिरीश चंद्र भट्ट, पीएस बुटोला, नरेश चंद्र कुलाश्री, एमएस रावत, वि के धस्माना, श्रीधर प्रसाद मैथानी, हितेंद्र सक्सेना, उमेश्वर सिंह रावत, अवधेश शर्मा, राजीव जौहरी, डॉ राकेश डंगवाल, ठाकुर शेर सिंह, शशांक गुप्ता, रविंद्र दत्त सिंबल, दिनेश भंडारी, जगमोहन मेहंदीरत्ता, श्रीकांत, विमल, मनोज कुमार, राजेंद्र सिंह शाह, जगदीश बावला, शेयरिंग लुडिंग, संदीप सक्सेना, रवि शरण, अजीत नेगी, मुकेश नारायण शर्मा, आशालाल, तिलक राज शर्मा, ताराचंद गुप्ता, अंशुल राज, प्रभात, सुशील विरमानी आदि शामिल थे।—–इन्होंने दी श्रद्धांजलिआयोजन संयुक्त नागरिक संगठन, गौरखाली सुधार सभा, उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, मैती, समानता मंच, सीव्यू सेवा ट्रस्ट, दून रेजिडेंट वेलफेयर फ्रंट, स्वतंत्रता सेनानी वंशज ग्रुप, दून बुद्धिस्ट सोसाइटी, अ.भा.कायस्थ महासभा, उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच, अपना परिवार, हर्षल फाउंडेशन, जगतबंधु सेवा ट्रस्ट, दून योगपीठ, धाद, मुमकिन है फाउंडेशन, जागरूक नागरिक सेवा मंच की ओर से सामूहिक रूप से किया गया था।



