देहरादून। गैस वितरण में लगातार शिकायतों और सड़क तक पहुंचे उपभोक्ता आक्रोश के बीच जिला प्रशासन ने मैसर्स हीरा गैस सर्विस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके सभी करीब 14 हजार गैस कनेक्शन दूसरी एजेंसियों में ट्रांसफर कर दिए हैं। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को गैस वितरण व्यवस्था में अब तक का सबसे सख्त हस्तक्षेप माना जा रहा है।
जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में लंबे समय से एजेंसी के खिलाफ गैस वितरण में अनियमितताओं, देरी और शिकायतों की जानकारी पहुंच रही थी। जांच के निर्देश दिए गए तो वितरण व्यवस्था में गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद प्रशासन ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एजेंसी के सभी कनेक्शन अनिल इंडेन गैस सर्विस और आर्केडिया इंडेन गैस सर्विस में स्थानांतरित कर दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति में बाधा न आए, इसलिए ट्रांसफर प्रक्रिया तत्काल लागू की गई है। इससे जुड़े उपभोक्ताओं को अब नई एजेंसियों के माध्यम से सिलिंडर उपलब्ध होंगे। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि गैस वितरण में लापरवाही या धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी एजेंसियों को तय मानकों के अनुसार काम करना होगा।
सुबह नाराज लोगों ने किया थ हाइवे जाम : गैस सिलिंडर नहीं मिलने से आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार सुबह देहरादून शिमला बाईपास पर जाम लगा दिया। एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। गैस एजेंसी संचालक और आपूर्ति विभाग के खिलाफ लोग नारेबाजी करते रहे। शिमला बाईपास नया गांव चौकी क्षेत्र में पहुंची लोगों की भीड़ को रोकना मुश्किल हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद जाम खोला जा सका।
48 घंटे के आश्वासन के बाद खुला जाम: सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, वे सड़क खाली नहीं करेंगे। करीब दो घंटे बाद प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खोल दिया गया।



