देहरादून। बार एसोसिएशन देहरादून ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर राज्य के अधिवक्ताओं और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की मांग की है। एसोसिएशन ने न्यूनतम पाँच लाख रुपये की वार्षिक कैशलेस बीमा राशि तय करने का आग्रह किया है।
अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा और सचिव अजय बिष्ट ने पत्र में कहा कि न्याय प्रणाली में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन बढ़ती चिकित्सा लागत के कारण विशेषकर युवा और आर्थिक रूप से कमजोर वकीलों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बिना निश्चित आय के चलते गंभीर बीमारी की स्थिति में उनका जीवनभर का संचित धन समाप्त हो जाता है। कई मामलों में इलाज अधूरा रह जाने से युवा वकीलों की असमय मृत्यु भी हुई है।
एसोसिएशन ने हाल ही में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को दिए गए दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए उत्तराखण्ड सरकार से भी अधिवक्ताओं के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि न्यूनतम पाँच लाख रुपये की राशि तय की जाए ताकि अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
यह मांग पत्र राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजा गया है। बार एसोसिएशन का मानना है कि इस योजना से अधिवक्ताओं को न केवल राहत मिलेगी बल्कि न्यायिक व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ होगी, क्योंकि अधिवक्ता समाज के कमजोर वर्गों की आवाज अदालत तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।



